राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश ने संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को लिखा कड़ा पत्र
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश
संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को लिखा कड़ा पत्र
मुख्यमंत्री को दिये पत्र का हवाला, शासनादेशनुसार बैठक न होने पर आक्रोष
M.H.U.Ansari Editor
लखनऊ 17 जून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने एक बार पुनः मुख्य सचिव को राज्य के कार्मिक संगठनों के साथ पाक्षिक एवं मासिक बैठक न किए जाने के सम्बंध में कड़ा पत्र लिखा है। श्री तिवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ के साथ हुई गत दिवस की बैठक में इस संबंध में दिए गए पत्र का हवाला भी दिया है। उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि नियमानुसार बैठक न किए जाने के कारण कार्मिकों की छोटी - छोटी समस्याएं लम्बे समय से लम्बित पड़ी है। इसका परिणाम यह है कि लगातार कार्मिक संघों, संगठनों में आक्रोष बढ़ रहा है। जिसका परिणाम सरकार के लिए आगामी समय में अलाभकारी होगा।
उन्होंने मुख्य सचिव उ.प्र. के पत्र 1047 / पीएसएमएस / 2024 दिनांक 12 दिसम्बर 2024 (2) कार्मिक अनुभाग - 4 के पत्र 132 / संघ / 47 - का - 4 - 2025 दिनांक 02 मई 2025 (2) कार्मिक अनुभाग - 4 के पत्र 32 / संघ / 47 - का - 4 - 2026 दिनांक 04 जून 2026 का हवाला देते हुए कहा कि मैनें माननीय मुख्यमंत्री को दिनांक 11 मई 2026 को मिलकर लगभग 02 वर्षों से कर्मचारियों, संघो,महासंघों,परिषदों से शासन स्तर (विशेषकर कार्मिक और आपके स्तर) पर बैठक न होने का पत्र सौपां था।सम्भवतः उसी परिपेक्ष्य में पुनः एक पत्र कार्मिक अनुभाग - 4 द्वारा बहुत गलतियां के साथ जारी हुआ जिसमें पुराने पत्र का हवाला दिया गया जबकि उसके बाद पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा दिनांक 12 दिसम्बर 2024 को इसी प्रकार के कड़े पत्र द्वारा प्रत्येक 15 दिन में बैठक सभी स्तर पर करने के निर्देश दिये थे।अब बैठक का समय एक माह कर दिया गया है, पुनः पत्र लिखकर एक औपचारिकता की गई है, क्योंकि ष्कार्मिक स्तर पर ही बैठके नहीं की जा रही है। मैंने पिछले वर्ष भी शिकायत की थी तब मेरे पत्र पर ही 02 मई 2025 को 15 दिन में बैठक करने के निर्देश दिये गये थे।आदेश प्रतिवर्ष बड़े ही उच्च स्तर से किये जाते हैं उससे कर्मचारी समाज की समस्याये दूर नहीं हो रही है। उन्होंने आग्रह किया है कि सच्चे मन और सुव्यवस्था से बैठक करने की मॉनिटरिंग करनी होगी ताकि अनावश्यक एकजुट आन्दोलनों से बचा जा सके। परन्तु इसके लिए सभी उच्च स्तर पर भी प्रयास करना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि इस प्रदेश में बड़े-बड़े आन्दोलन हमारे ही संगठन द्वारा प्रदेश में कराये गये है। हम चाहते हैं कि सकारात्मकता से प्रयास होते रहे। उन्होंने कार्मिकों की राज्य स्तरीय, मण्डलीय, जनपदीय, विभागाध्यक्ष स्तर पर कार्मिक संगठनों के साथ मासिक बैठक सम्बंधी दर्जनों आदेश का हवाला दिया है।

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