आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संबंध में राज्य कर्मचारियों ,शिक्षको आदि कार्मिको के हितों पर विचार-विमर्श हेतु दिनांक 22 व 23 जून 2026 को आयोजित की जा रही बैठक
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संबंध में राज्य कर्मचारियों ,शिक्षको आदि कार्मिको के हितों पर विचार-विमर्श हेतु दिनांक 22 व 23 जून 2026 को आयोजित बैठक
M.H.U.Ansari Editor News A1 Ujjwal Time
दिनांक 22 व 23 जून 2026 को आयोजित बैठक/वार्ता हेतु उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ एवं अन्य सभी संगठनो को अपना पक्ष रखने हेतु आमंत्रित न किए जाने के संबंध में।
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संबंध में राज्य कर्मचारियों ,शिक्षको आदि कार्मिको के हितों पर विचार-विमर्श हेतु दिनांक 22 व 23 जून 2026 को आयोजित की जा रही बैठक / वार्ता के संबंध में यह अवगत कराना है कि उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ, जो कि राज्य के मान्यता प्राप्त परिसंघों/संघों की शीर्ष संस्था है, उक्त बैठक में महासंघ से सम्बद्ध संघो/परिसंघो को आमंत्रित नहीं किया गया है।
चंकि हमारे राज्य मे केन्द्र सरकार से समानता है ओर हर राज्य अपने संशाधनो से केन्द्रीय वेतन आयोग का लाभ अपने राज्य कर्मचारियो को देता है
उत्तर प्रदेश सरकार ने आज तक सप्तम वेतन आयोग की विसंगतियो को दूर नही किया गया है जिससे उत्तर प्रदेश राज्य का कर्मचारी अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है
जब आठवे केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया गया तो उत्तर प्रदेश के करमचारियो मे आशा की किरण जगी कि अब हमे आठवे वेतन आयोग हमारी समस्याओ को कर्मचारी महासंघ से सुझाव लेकर पिछली कमियो को दूर करके सबसे बडे प्रदेश उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियो को लाभ प्राप्त होगा
आठवे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा 18 बिन्दु प्रश्नोत्तरी (परशनायत) जारी कर समस्त राज्यो के संगठनो से आन लाइन सुझाव मांगे गये थे ओर यह आश्वासन भी दिया गया था कि भविष्य मे आठवे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा राज्यो मे जाकर संगठनो को बुलाकर चर्चा करेगे इसी क्रम मे पत्र दिनांक 27 मई 2026 द्वारा केंद्रीय वेतन आयोग के आगमन की सूचना वित्त वेतन आयोग,उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दी गयी थी
दिनाँक 19 जून 2026 को वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विभेद पैदा करते हुए केवल अखिल भारतीय राज्य के संगठनो को आमंत्रित किया गया है जो कि राज्य कर्मचारी संगठनो को अपमानित करने की कोशिश है
यदि आठवे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा राज्य के 16 लाख कर्मचारी, शिक्षक आदि का पक्ष नही सुनते है तो उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ दिल्ली पहुंच कर अपना पक्ष रक्खे गे
अत: हमारी मांग है कि
1 ग्रूप डी की नियमित नियुक्तिया की जाए ।
2 समस्त पेंशनर्स को आठवे वेतन आयोग की परिधि मे लाया जाए उन्हे कदापि उक्त लाभ से वंचित न किया जाय l
3 एन पी एस के कर्मचारियो को रिमबरसमेनट की सुविधा दी जाए ।
कर्मचारियों,शिक्षक, निकाय, संविदा आउटसोर्सिंग आदि की समस्याओं, सातवे वेतन आयोग की विसंगतियों एवं आठवें वेतन आयोग के संबंध में ठोस सुझाव उपलब्ध हैं।
ऐसी स्थिति में महासंघ की उपेक्षा करके केवल राज्य स्तरीय अखिल भारतीय सेवा संघो के प्रतिनिधियो को आमंत्रित किया जाना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है
इससे लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारियों ओर लाखो लाख संविदा आउटसोर्सिंग एवं निकाय कार्मिको में रोष व्याप्त है।
1. उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से शासन द्वारा वार्तालाप हेतु आमंत्रित किया जाए
प्रेस कांफ्रेंस मे प्रमुख रूप से माननीय एस पी सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ,अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ,बी एल कुशवाहा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सेवानिवृत्त पेंशनर्स एसोसिएशन, नरेन्द्र प्रताप सिंह संरक्षक, अशोक कुमार सिंह, प्रान्तीय महामंत्री, राम भजन मौर्य, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ,जे पी पांडेय प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विस एसोसिएशंस, परमेश्वर सिंह, अफीफ सिददीकी, लाखन सिंह चौहान, राम जी शुक्ला आदि उपस्थित रहै

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