राष्ट्रीय होमियोपैथिक का दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ । लखनऊ
राष्ट्रीय होमियोपैथिक का दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ । लखनऊ
के अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफ़िक कन्वेशन सेंटर में
नमस्कार आप देख रहे हैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से न्यूज़ एवन उज्जवल टाइम से एम एच यू अंसारी रिपोर्टर की होम्योपैथी की दुनिया मे अपनी भी पहचान रखने वाली दवा की खबर । आज लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर चौक, लखनऊ, में दो दिवसीय राष्ट्रीय होम्योपैथिक कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय हाई कोर्ट लखनऊ के माननीय न्यायमूर्ति श्री मंजीत शुक्ला के द्वारा डॉक्टर हनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य साकेंद्र प्रताप वर्मा, विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य माननीय अंगद कुमार सिंह व अवनीश कुमार सिंह, राष्ट्रीय होम्योपैथिक आयोग के बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर आनंद चतुर्वेदी, पूर्व केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद के अध्यक्ष डॉ रामजी सिंह, होम्योपैथिक विभाग के निदेशक डॉक्टर प्रमोद कुमार सिंह सहित गणमान्य अतिथियों के द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम में एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के बाद वैज्ञानिक सत्र के प्रथम वक्ता के रूप में डॉक्टर रवि सिंह द्वारा होम्योपैथी की सर्जरी की बीमारियों में उपयोगिता को अपने साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया वैज्ञानिक क्षेत्र के दूसरे वक्त डॉ प्रवीण कुमार ने गंभीर बीमारियों में स्टैटिकल डाटा के साथ रिकॉर्ड केश पर चर्चा की गई वहीं कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ऑर्थोपेडिक हीलिंग होम्योपैथी के साथ डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव ने अपने केस प्रस्तुत किया। दिल्ली से आए डॉक्टर ए के गुप्ता ने मोटर न्यूरॉन डिजीज के रोगियों पर अपने विचार रखें उन्होंने बताया कि इलाज के साथ होम्योपैथिक दवाइयां का प्रयोग प्रबंधन के साथ किया जाए तो इन बीमारियों में होम्योपैथिक बहुत ही कारगर साबित होती है। डॉक्टर प्रभात श्रीवास्तव होम्योपैथिक चिकित्सा के द्वारा कैंसर के रोगों पर अपने रोगियों के उपचार को साथ के साथ प्रस्तुत किया। हैनीमैन एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सचिव डॉक्टर आशीष वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश-विदेश से लगभग 650 चिकित्सा शिक्षक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया उन्होंने अपने वक्तव्य में आयुष विभाग की भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा होम्योपैथिक विभाग के विकास और जन-जन तक पहुंचाने के क्षेत्र में सरकारी प्रयासों की सराहना करते हुए संस्था की ओर से भारत सरकार और राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। समिति के अध्यक्ष डॉक्टर शिवली मजहर ने बताया कि 30 होम्योपैथिक चिकित्सकों जिन्होंने होम्योपैथिक दिशा में उत्कृष्ट कार्य किए हैं उनको भी यहां सम्मानित किया गया है। आज के इस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के एक साथ दो सभागारों में 22 शिक्षक-चिकित्सकों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि भारत की सभी चिकित्सा पद्धतियों का आपस में तुलनात्मक अध्ययन होना चाहिए। इसमें सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से अपेक्षा है कि जनता के बीच में इन पत्तियों के आपसी संबंध का संदेश जाना चाहिए ।


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