डॉ. संजय कुमार निषाद (राष्ट्रीय अध्यक्ष – निषाद पार्टी एवं कैबिनेट मंत्री, मत्स्य पालन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) का मीडिया वक्तव्य
मा० डॉ. संजय कुमार निषाद (राष्ट्रीय अध्यक्ष – निषाद पार्टी एवं कैबिनेट मंत्री, मत्स्य पालन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) का मीडिया वक्तव्य
निषाद पार्टी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पूरी सक्रियता से भाग लेगी और निषाद बाहुल्य क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी उतारेगी। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि गठबंधन था, है और रहेगा, किंतु स्थानीय चुनावों में सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा गठबंधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ था। इसके बाद भी निषाद पार्टी ने राज्य में हुए त्रिस्तरीय चुनावों में निषाद समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रत्याशी उतारे। कई ज़िलों में हमारे प्रत्याशी भारी मतों से जीतकर ज़िला पंचायत सदस्य और बीडीसी बने। इसने गठबंधन की भावना को कभी ठेस नहीं पहुँचाई। 2022 के विधानसभा चुनाव में हमें गठबंधन के तहत 15 सीटें मिलीं, जिनमें से 11 पर हमारे प्रत्याशी विजयी हुए। यह दर्शाता है कि निषाद पार्टी प्रदेश की चौथी सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन चुकी है।
गठबंधन के समय हमने कुछ स्पष्ट माँगें रखी थीं:
1. मछुआ समाज को अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण प्रदान किया जाए
2. निषाद पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं का सरकार और संगठन में उचित समायोजन हो
गठबंधन के बाद कुछ माँगों पर सकारात्मक कार्यवाही हुई, किंतु दो सबसे अहम मुद्दे—आरक्षण और कार्यकर्ताओं के समायोजन—पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ है। ये दोनों मुद्दे निषाद समाज की आकांक्षाओं से जुड़े हुए हैं, और निषाद पार्टी इन्हें लेकर अपने समाज के प्रति जवाबदेह है।
त्रिस्तरीय चुनाव के संदर्भ में हमारी नीति दो टूक है:
1. निषाद पार्टी ज़िला पंचायत सदस्य और बीडीसी चुनाव अपने प्रत्याशियों से लड़ेगी।
2. चुनाव परिणाम के बाद ज़िला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा को समर्थन देगी।
हमारी पार्टी दूसरी पार्टियों की आलोचना नहीं करती। हमारा उद्देश्य है कि हम अपनी विचारधारा, मुद्दों और समाज के साथ किए गए वादों पर चुनाव लड़ें और विजय प्राप्त करें। निषाद समाज और कार्यकर्ताओं को पार्टी से अपेक्षाएँ हैं, और हम उन अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। पूरे प्रदेश में निषाद समाज के युवाओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी का पूरा समर्थन मिलेगा। हम जनता के बीच जाकर अपने मुद्दों को मुखरता से रखेंगे और समाज से मिले जनादेश को अपने गठबंधन दलों के साथ साझा करेंगे। पार्टी आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निषाद बाहुल्य क्षेत्रों में पूरी मज़बूती से अपने प्रत्याशी उतारेगी। यह चुनाव पार्टी के लिए केवल जन प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं के सम्मान का भी विषय है। हमारा मानना है कि पार्टी का विस्तार गाँव से ही संभव है, और भारत एक गाँवों का देश है। ऐसे में निषाद पार्टी हर गाँव में अपने विचार, नीति और संगठन को मजबूत करना चाहती है। त्रिस्तरीय चुनावों में हमारे कार्यकर्ता और समाज के युवा वर्षों से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं, कई कार्यकर्ता 10-15 वर्षों से संघर्षरत हैं और उन्हें ज़िला पंचायत या क्षेत्र पंचायत में नेतृत्व करने की आकांक्षा है।अगर हम हर चुनाव में गठबंधन के नाम पर पीछे हटते रहे, तो यह कार्यकर्ताओं के हक़ और भविष्य दोनों के साथ अन्याय होगा। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा, बल्कि संगठनात्मक मज़बूती भी प्रभावित होगी। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि गठबंधन था, है और रहेगा, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पिछला त्रिस्तरीय चुनाव भी हमने स्वतंत्र रूप से लड़ा था, और इस बार भी पार्टी स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। हमारी पार्टी का उद्देश्य किसी दूसरे दल की आलोचना करना नहीं है, बल्कि अपने समाज की आवाज़ बनना है। हम मछुआ समाज के आरक्षण, कार्यकर्ताओं के समायोजन और समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को लेकर हमेशा संघर्षरत रहे हैं और रहेंगे। निषाद पार्टी की रगों में 101% मछुआ समाज का खून बहता है, और समाज ने हमें जिस भरोसे और उम्मीद के साथ आगे बढ़ाया है, हम उस भरोसे को टूटने नहीं देंगे। निषाद पार्टी आने वाले चुनावों में जन-जन के बीच जाएगी, अपने मुद्दों को मुखर करेगी, और जो जनादेश आएगा, उसे अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ साझा करेगी।

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